मैं नहीँ जानती तुम्हें कैसे मनाऊं तुम्हें कैसे भुलाऊँ। मैं नहीँ जानती तुम्हें कैसे मनाऊं तुम्हें कैसे भुलाऊँ।
एक पिता के एक पुत्र से विमुख होने से पहले एक आखरी सांस ले लेने देना मां। एक पिता के एक पुत्र से विमुख होने से पहले एक आखरी सांस ले लेने देना मां।
गिनना चाहती हूँ तारों को मैं, चाँद पर बैठना चाहती हूँ, थोड़ी देर... गिनना चाहती हूँ तारों को मैं, चाँद पर बैठना चाहती हूँ, थोड़ी देर...
हर तरफ़ बस प्यार ही प्यार हो , ऐसा संसार चाहिए हर तरफ़ बस प्यार ही प्यार हो , ऐसा संसार चाहिए
सोचो ज़रा ये मनचला राजा कैसे इस सटिक मालिका को बहलता है सोचो ज़रा ये मनचला राजा कैसे इस सटिक मालिका को बहलता है
मुस्कुराहटों के मौसम खिले रहते हैं चेहरों पर, जब भी हम उनके साथ होते हैं। कहां कुछ सोचना पड़ता... मुस्कुराहटों के मौसम खिले रहते हैं चेहरों पर, जब भी हम उनके साथ होते हैं। ...